आपकी मेहनत का ही परिणाम है की मेरे दोनों बच्चे फर्स्ट क्लास पास हो गए है!” मैंने उससे कहा और उसकी ट्यूशन की फ़ीस मैंने २ हजार कर दी।धीरे धीरे मुझे अपने बच्चों की टीचर निशा मैडम बहुत अच्छी लगने लगी। मैं उसके लिए रोज शाम को खुद चाय बना देता था। धीरे धीरे निशा मुझे बहुत अच्छी लगने लगी। वो बहुत छरहरी बदन की लड़की थी। वैसे तो देखने में स्लिम ट्रिम और दुबली लगती थी.पर जहाँ जहाँ पर उसके बदन में गोश होना चाहिए वहां पर खूब था। धीरे धीरे मेरा उसे चोदने का दिल करने लगा। वो अभी कुवारी माल थी और उसकी शादी भी नही हुई थी। मुझे नही मालुम था की वो अभी चुदी है की नही।एक दिन मैंने ड्रिंक कर ली और शाम को जब निशा जब मेरे बच्चो को पढ़ाने आई तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। मेरे दोनों बच्चे अभी छोटे थे इसलिए वो मेरी करतूत हो
देसी भाभी की सिलाई के बहाने अंकल ने उसे बिस्तर पर लिटाकर चोदा
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